बारिश के रेले
ये बूंदे हवा की
ये पानी समंदर का
यादे तुम्हारी
पेड़ो की छाया
ये चंदा का साया
ये चाहत की चादर
ये बाहे तुम्हारी
बलखाती नदिया
ये नदियों का पानी
ये सावन के रेले
ये जुल्फ़े तुम्हारी
बंसी सी मीठी
ये इंजिन की सिटी
ये कोयल सी गाती
ये आहट तुम्हारी
ये घनघोर जंगल
ये आंधी-तूफा की
ये काजल सी काली
ये आंखे तुम्हारी
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