Saturday, 11 March 2017

ख्याल

ख्याल.....
हाँ ,में तेरा ख्याल करता हु
जीवन के हर छोटे-छोटे पहलुओ पर
में तेरा विचार करता हु
हाँ , में तेरा ख्याल करता हु

फितूर है तेरा
की में तुझसे अनजान हु
सबकुछ जानकर भी
में तेरा ख्याल करता हु

ये हंसनिया जो तुमने गले में लटका रखी है
मुझे डर  , की कही कोई खीच ना ले जाय
ये बन्धनीय जो तुमने मन में सजा रखी है
मुझे डर ,  की कही कोई तोड़ ना लेजाय

सुरक्षित आसमान में उड़ान के लिए
में तेरा ख्याल करता हु

क्या हुआ जो तुम फिसले
तुम्हारी मंजिलो की आहट अभी और भी है
क्या हुआ जो रास्ते सर्द है
अभी गर्म बाहो की लपटे और भी है

अगर हैरानियों के पन्ने सरका सको
तो तुम देख पाओगी
मुझे तेरा ख्याल और भी है