Monday, 7 December 2020

बारिश के रेले

 बारिश के रेले

ये बूंदे हवा की

ये पानी समंदर का

यादे तुम्हारी


पेड़ो की छाया

ये चंदा का साया

ये चाहत की चादर

ये बाहे तुम्हारी


बलखाती नदिया

ये नदियों का पानी

ये सावन के रेले

ये जुल्फ़े तुम्हारी


बंसी सी मीठी

ये इंजिन की सिटी

ये कोयल सी गाती

ये आहट तुम्हारी


ये घनघोर जंगल

ये आंधी-तूफा की

ये काजल सी काली

ये आंखे तुम्हारी