फुलों के मुरझाते हुए पुष्पंद से
भवरें का ये आखरी स्पंदन है|
ये आखरी मिलन ,आखरी जीवन
आखरी क्षण है|
यूँ तो कई समर हुए है ,
जीवन की गति देखकर ,
पर हर समर में उसकी आखरी मुहोब्बत ,
उसकी आखरी चूभन है|
तूफानी शहतीरों को ताक में रखकर ,
आँधियों की महफ़िलों को राख में करकर ,
वो चूमकर ले आता था ,
खुश्बुओ को पुष्प से|
आज उसका आखरी मिलन , आखरी जीवन ,
आखरी क्षण है|
भवरे का फूलों से आखरी स्पंदन है|
उस और को ना मूड जाना ऐ पुष्प ,
जहा से तेरा आखरी दृश्य नहीं ,
आखरी परिचय , आखरी लक्ष्य नहीं
ये भवरे का आखरी जाम ही ,
उसका आखरी वंदन है|
मुरझाते हुए फूलों से ,
भवरे का ये आखरी स्पंदन है|
भवरें का ये आखरी स्पंदन है|
ये आखरी मिलन ,आखरी जीवन
आखरी क्षण है|
यूँ तो कई समर हुए है ,
जीवन की गति देखकर ,
पर हर समर में उसकी आखरी मुहोब्बत ,
उसकी आखरी चूभन है|
तूफानी शहतीरों को ताक में रखकर ,
आँधियों की महफ़िलों को राख में करकर ,
वो चूमकर ले आता था ,
खुश्बुओ को पुष्प से|
आज उसका आखरी मिलन , आखरी जीवन ,
आखरी क्षण है|
भवरे का फूलों से आखरी स्पंदन है|
उस और को ना मूड जाना ऐ पुष्प ,
जहा से तेरा आखरी दृश्य नहीं ,
आखरी परिचय , आखरी लक्ष्य नहीं
ये भवरे का आखरी जाम ही ,
उसका आखरी वंदन है|
मुरझाते हुए फूलों से ,
भवरे का ये आखरी स्पंदन है|
आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शनिवार 30 सितम्बर 2017 को लिंक की जाएगी ....
ReplyDeletehttp://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!
आपका बहुत धन्यवाद , Reply करने में हुई देरी के लिए मुझे खेद है पर आपकी दिलचस्पी के लिए बहुत धन्यवाद | एक कवी को अपने काव्य के लिए प्रेरणा तभी मिलती है जब उसके काव्य को सराहा जाय तो आप जैसे पाठको के लिए में और लिखता रहूँगा |
Deleteआपका ब्लॉग भी हमने देखा बहुत सुन्दर कविताय है आपके खजाने में | ये सिलसिला अब युही चलता रहे कुछ आप सुनाय कुछ हम सुनाते रहेंगे |
आपका अपना
अर्पित
Akhiri spandan ko naman.
ReplyDeleteBahut achha likha hai.
आपका बहुत धन्यवाद
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