बदलते भारत की जीवनी
आज कलम उठकर बोलेगी
स्वतंत्रता सेनानियों सी
आज मरघट जम कर खोलेगी
कोई वेदना सी कही
कोने में ना छुप कर रोने देगी
बदलते भारत की जीवनी
कलम उठकर बोलेगी
चंडी सा प्रताप लिये
रक्तबीज को खोलेगी
कही जीवन का निश्चय किये
अभिमान को भी तोड़ेगी
उभरते स्वरुप में
आज भारत माँ भी बोलेगी
बदलते भारत की जीवनी
कलम उठकर बोलेगी
करुणामयी माता सी
झुक झुक कर प्रेम लुटाएगी
ये भारत माँ की लाली
चंद लम्हो में न सिमटेगी
इंकलाब से शब्दों की
गठरी भी वो खोलेगी
भारत माँ की जीवनी
आज कलम उठ -उठकर बोलेगी
आज कलम उठकर बोलेगी
स्वतंत्रता सेनानियों सी
आज मरघट जम कर खोलेगी
कोई वेदना सी कही
कोने में ना छुप कर रोने देगी
बदलते भारत की जीवनी
कलम उठकर बोलेगी
चंडी सा प्रताप लिये
रक्तबीज को खोलेगी
कही जीवन का निश्चय किये
अभिमान को भी तोड़ेगी
उभरते स्वरुप में
आज भारत माँ भी बोलेगी
बदलते भारत की जीवनी
कलम उठकर बोलेगी
करुणामयी माता सी
झुक झुक कर प्रेम लुटाएगी
ये भारत माँ की लाली
चंद लम्हो में न सिमटेगी
इंकलाब से शब्दों की
गठरी भी वो खोलेगी
भारत माँ की जीवनी
आज कलम उठ -उठकर बोलेगी
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